/head> Awadhesh Kumar Jha

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Friday, 23 October 2020

 

● कमाल है ,
जिस घर को बनाने में
जिंदगी लगा दी ...
आज उसी घर में ,
रहने से बेचैन है इंसान...

● जमाने भर की डिग्रियाँ रखकर भी 
हम अपनो की तकलीफ ना पढ़ सके 
तो अनपढ़ ही हुए हम।

 बदला लेने की नहीं
बदलाव लाने की सोच रखिये,
दो पल के गुस्से से
प्यार भरा रिश्ता बिखर जाता है,
होश जब तक आता है तब तक
वक्त निकल जाता है.....

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